भाजपा ने सभी विधायकों को दिल्ली बुलाया; पार्टी मुख्यालय से उन्हें घर नहीं जाने दिया, सीधे एयरपोर्ट भेजा

 




 

भोपाल. मध्य प्रदेश में दिनभर चले सियासी घटनाक्रम के बाद मंगलवार शाम को भाजपा ने सत्ता के लिए मोर्चाबंदी शुरू कर दी। भोपाल में विधायक दल की बैठक के बाद सभी विधायकों को दिल्ली रवाना कर दिया गया। विधायकों को पार्टी दफ्तर से सीधे एयरपोर्ट भेजा गया और उन्हें सामान लेने के लिए घर जाने की इजाजत भी नहीं दी गई। यह फैसला दिल्ली में नरेंद्र मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा की मुलाकात के बाद लिया गया। यह मुलाकात चुनाव समिति की बैठक के बाद हुई थी। चुनाव समिति की बैठक शाम करीब 6.15 बजे शुरू हुई और एक घंटे तक चली। इसी दौरान भोपाल में भी पार्टी मुख्यालय पर विधायक दल की बैठक हुई।


भोपाल में भाजपा दफ्तर से रिपोर्ट: शाम 6.15 बजे जब दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में भाजपा की बैठक हो रही थी। उसी दौरान शिवराज के भोपाल स्थित आवास पर भी हलचल शुरू हो गई। पार्टी मुख्यालय पर होने वाली विधायक दल की बैठक के लिए रवाना होने से पहले शिवराज से मध्य प्रदेश के सियासी हालात पर सवाल किया गया। शिवराज ने साफ कहा कि विधायक दल की बैठक में केवल राज्यसभा की 2 सीटें जीतने के लिए चर्चा होगी, इसके अलावा और कोई मुद्दा नहीं है। लेकिन, इस बैठक के शुरू होने से पहले ही पार्टी दफ्तर पर मुख्यमंत्री पद के लिए शिवराज और नरोत्तम मिश्रा के नाम के नारे लगे। बैठक करीब 8 बजे खत्म हुई। रात 8.30 बजे शिवराज सिंह चौहान को दिल्ली बुलाए जाने की खबर आई। इसके महज 10 मिनट बाद मध्य प्रदेश पार्टी मुख्यालय से ही भाजपा के 105 विधायकों को एयरपोर्ट भेजा गया। नारायण त्रिपाठी और शरद कोल भोपाल नहीं पहुंचे। इन दोनों विधायकों की पहले भी कमलनाथ के संपर्क में होने की खबरें आ चुकी हैं। ये दोनों विधायक विधानसभा में कमलनाथ सरकार के पक्ष में क्रॉस वोटिंग भी कर चुके हैं।


पार्टी ने नजर रखने के लिए ग्रुप लीडर बनाए, पर विधायक बोले- हम होली खेलने जा रहे
नजर रखने के लिए भाजपा ने 105 विधायकों को 8-8 के ग्रुप में बांट दिया। हर ग्रुप पर नजर रखने के लिए एक ग्रुप लीडर बनाया गया है। दिल्ली पहुंचने पर विधायकों को अलग-अलग बसों से दिल्ली, मनेसर या गुरुग्राम में रखा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, फ्लोर टेस्ट होने की स्थिति में ही विधायक वापस लौटेंगे। अगर ऐसा नहीं होता है तो विधायकों को 26 मार्च को ही भोपाल लाया जाएगा, जब राज्यसभा चुनाव होने हैं।